छतरपुर में मृत शिक्षक को जनगणना ड्यूटी, प्रशासन पर सवाल
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छतरपुर में मृत शिक्षक को जनगणना ड्यूटी सौंपने का मामला सामने आया, प्रशासनिक रिकॉर्ड अपडेट न होने से बड़ी लापरवाही उजागर हुई।
हरिश्चंद्र जैन का 2023 में निधन, फिर भी सूची में नाम शामिल, विभागीय कार्यप्रणाली और निगरानी सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल।
स्थानीय लोगों और शिक्षक संगठनों ने जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की, अधिकारियों की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश।
Chhatarpur/ मामला Bada Malhara अनुभाग के घुवारा क्षेत्र का है, जहां जनगणना से संबंधित मकान सूचीकरण और प्रशिक्षण कार्य के लिए जारी सूची में माध्यमिक शिक्षक Harishchandra Jain का नाम शामिल कर दिया गया। जबकि उनका निधन 15 अप्रैल 2023 को हो चुका है।
इस चूक ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह महज एक त्रुटि नहीं, बल्कि विभागीय लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है। यदि रिकॉर्ड समय पर अपडेट किए जाते, तो इस तरह की स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती।
घटना के सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि जब मृत व्यक्ति को ही ड्यूटी सौंप दी जा रही है, तो यह स्पष्ट है कि कागजी कार्यवाही और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है।
जब इस मामले में संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया, तो Akhil Rathore और Aditya Sonakiya ने स्पष्ट प्रतिक्रिया देने से बचते हुए चुप्पी साध ली। इससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया है।
शिक्षक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रिकॉर्ड अपडेट प्रणाली को सुदृढ़ करने की आवश्यकता बताई गई है।
यह घटना प्रशासन के दावों और वास्तविकता के बीच के अंतर को उजागर करती है। जहां एक ओर कागजों में कार्यवाही पूरी दिखाई जाती है, वहीं दूसरी ओर ऐसी गंभीर लापरवाहियां सामने आ रही हैं, जो सिस्टम की कमजोरियों को उजागर करती हैं।